कविता: "बहस"
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*"बहस"*
क्या अंत भी है ऐसी बात चीज का ।
सही जो लगता हो एक को । ।
तो दूसरे को गलत ।
क्या लगता है । ।
ऐसी बातो में ।
छिपा है कैसी रहस्य । ।
घंटो -घंटो रह...
20 hours ago
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