वो मज़दूर है और खुद
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कविता
वो मज़दूर है और खुद
के कमाए पैसों पर जीते है
धुप में तपते है पर काम
से पीछे नहीं हटते है
कष्ट तो होता है उनकों भी बहुत
पर मन से वह उड़ते है...
1 day ago
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