पढ़ते पढते ठंडी आ गया
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कविता
पढ़ते पढते ठंडी आ गया
कुछ पता नहीं चला
पढते पढते ठंडी आ गया
कुछ पता नहींचला
सपनो में सोचा की
ठंडी कितनी जल्दी आ गया
वो भी हमको पता नहीं चला
...
1 day ago
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3 comments:
बेहद खूबशूरत अहसाह
वाह
Wonder full
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