हर किसी को बढ़ना है
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कविता
हर किसी को बढ़ना है
बचपना छोड़ बड़ा होना है
अपनी अपनी मंजिल ढूंढ़ना है
मंजिल के लिए आगे बढ़ना है
कुछ बढ़ने के चक्कर में पड़कर
जीना भूल गए
अपना बचपना...
1 day ago
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