दूर कहीं गाव के कोने में
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कविता
दूर कहीं गाव के कोने में
अधूरा सपना लिये जी रहा है एक घर
जो अँधेरे में रहकर शायद खोज रहा है
उजाले का पल
कच्ची चौखट पे पड़ी दरारों में
भीतर से ह...
3 days ago
3 comments:
सुंदर
ग खूबशूरत अहसाह ,बहुत सुन्दर रचना
बहुत अच्छी रचना...
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