चल अपनी मंजिल को ढूंढ
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कविता
चल अपनी मंजिल को ढूंढ
खोई हुई अपनी किस्मत को ढूंढ
कोई साथ नहीं होगा फिर भी
पीछे छूटे वक्त को ढूंढ
चल अपनी मंजिल को ढूंढ
पानी -पानी हो जाएगा जमा...
9 hours ago
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2 comments:
बधाई :-)
बधाई
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