कविता: "परीक्षा"
-
*"परीक्षा"*
समय के साथ जिंदगी चल रही है।
अब सूरज कि तरह यह ढल रही है ।।
दिन का कोई अब अता - पता नहीं ।
फिर भी ये दिन आगे बढ़ने लगी है ।।
बस समय के साथ जिंदग...
1 hour ago
© Blogger templates Newspaper II by Ourblogtemplates.com 2008
Back to TOP
2 comments:
बधाई :-)
बधाई
Post a Comment