कविता: "क्या आपने जिंदगी देखी है"
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*"क्या आपने जिंदगी देखी है"*
थक कर चूर हो गए।
शरीर भी झुलस गए अब ।।
आँखों में समुन्दर था ।
वो भी बह गए सब ।।
आशा तो बहुत थी उनसे पर बर्सी नहीं है ।
झुल...
1 day ago


