भूल जाते है कदमो का आस
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कविता
भूल जाते है कदमो का आस
जो मेहनत से होता है पास
वे करते है रोज़ प्रयास
आकर फिर भी न जाने क्यों
खुद से दूर चला जाता है
ठुकरा देता है ये समय
भ...
4 days ago
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2 comments:
नववर्ष 2014 सभी के लिये मंगलमय हो ,सुखकारी हो , आल्हादकारी हो
बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..
नए साल की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें!
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