चल अपनी मंजिल को ढूंढ
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कविता
चल अपनी मंजिल को ढूंढ
खोई हुई अपनी किस्मत को ढूंढ
कोई साथ नहीं होगा फिर भी
पीछे छूटे वक्त को ढूंढ
चल अपनी मंजिल को ढूंढ
पानी -पानी हो जाएगा जमा...
10 hours ago
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2 comments:
नववर्ष 2014 सभी के लिये मंगलमय हो ,सुखकारी हो , आल्हादकारी हो
बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..
नए साल की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें!
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