कविता: "विचार"
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* "विचार" *
बाढ़ से भी तीव्र गति से चलता ,
यह मन के विचार।
यह शब्दों से आरपार कर जाते।
एक ही पल में रुख बदल जाता है।
सिक्के के दो पहलू गिना जाता।
बाढ़ से ...
1 day ago
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3 comments:
सुंदर
ग खूबशूरत अहसाह ,बहुत सुन्दर रचना
बहुत अच्छी रचना...
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